टैस्टिंग सुविधा बढ़ाने के लिए सहायक प्रोफ़ैसर (माइक्रोबायोलॉजी) के चार और अन्य आवश्यक स्टाफ के 131 पद भरे जाएंगेसरकारी कॉलेजों में मैडीकल, आयुर्वैदिक और डैंटल फेकल्टी की पुनर-नियुक्ति को भी मंजूरीचंडीगढ़, 22 जून ( विश्व वार्ता )- कोविड के विरुद्ध लड़ाई को और मज़बूत बनाने के लिए पंजाब सरकार ने चार नई टेस्टिंग लैबोरेटरियाँ स्थापित करने और इन लैबों के लिए 131 आवश्यक स्टाफ की पहल के आधार पर नियुक्ति करने का फ़ैसला किया है।इसी दौरान मंत्रीमंडल ने इन चार वायरल टेस्टिंग लैबोरेटरियों में सहायक प्रोफ़ैसर (माइक्रोबायोलॉजी) के चार पद सृजन करने और भरने के लिए चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दे दी है।आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान लुधियाना, जालंधर और मोहाली में चार टेस्टिंग लैबोरेटरियों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है जिससे प्रति दिन 13000 टैस्ट करने की क्षमता हो जायेगी। इस समय पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट के मैडीकल कॉलेजों में प्रति दिन 9000 टैस्ट करने की क्षमता है।यह चार लैबोरेटरियाँ श्री गुरु अंगद देव वैटरनरी एंड एनिमल साईंसिस लुधियाना, पंजाब स्टेट फोरेंसिक साईंसिस लैबोरटरी मोहाली, नार्दन रीजनल डिजीज़ डायग्रौस्टिक लैबोरेटरी जालंधर और पंजाब बायोटैक्नोलॉजी इंकुबेटर मोहाली में स्थापित होनी हैं।एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह सभी नियुक्तियाँ बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साईंसिस, फरीदकोट की तरफ से आउटसोर्सिंग के ज़रिये की जाएंगी। 131 स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति से प्रति महीना 17.46 लाख रुपए जबकि एडहॉक सहायक प्रोफेसरों के पदों के विरुद्ध प्रति महीना 3.06 लाख का खर्चा आऐगा जो प्रांतीय आपदा प्रबंधन फंड में से दिया जायेगा। इन 131 स्टाफ सदस्यों में रिसर्च साईंटिस्ट (नॉन मैडीकल), रिसर्च साईंटिस्ट, लैब टैक्नीशियन, डाटा एंटरी ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट और स्वीपर के पद शामिल हैं।एक अन्य फ़ैसले में मंत्रीमंडल ने पटियाला और अमृतसर के सरकारी मैडीकल कॉलेज, पटियाला और अमृतसर के सरकारी डैंटल कॉलेज और पटियाला के आयुर्वैदिक कॉलेज में सेवाएं निभा रही टीचिंग फेकल्टी की सेवा-मुक्ति की 62 साल की आयु पूरी होने के उपरांत पुनर-नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। मैडीकल/आयुर्वैदिक फेकल्टी के लिए पुनर-नियुक्ति की आयु 70 साल तक जबकि डैंटल फेकल्टी के लिए 65 साल होगी।यह कदम जहाँ मैडीकल, डैंटल और आयुर्वैदिक की टीचिंग फेकल्टी की कमी को दूर करने में सहायक होगा, वहीं मैडीकल कौंसिल ऑफ इंडिया /डैंटल कौंसिल ऑफ इंडिया और सैंट्रल कौंसिल ऑफ इंडियन मैडिसन के नियमों के अंतर्गत पी.जी. कोर्स की सीटें बरकरार रखने में भी मददगार सिद्ध होगा।
Hukamnama Sri Darbar Sahib Today – 19 June 2026 | Ang 597 I ਅੱਜ ਦਾ ਹੁਕਮਨਾਮਾ
ਗੁਰਬਾਣੀ – Hukamnama Sri Darbar Sahib Today Amrit Vele Da Hukamnama Sri Darbar Sahib | June | Date 19-06-2026 |...





















