बेअदबी की घटनाओं के पीछे सरकारी कठपुतलियों को ‘‘मसंदों ’’ के तौर पर स्थापित करने की साजिश: सरदार परकाश सिंह बादल
पंजाब में फिर से आग लगाने के प्रयासों के विरूद्ध चेतावनी दी
पंथक सभा ने बेअदबी की घटनाओं की हाईकोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की

अमृतसर/02जनवरी: अकाली सुप्रीमों और पांच बार मुख्यमंत्री रहे स. परकाश सिंह बादल ने आज पवित्र गुरुघामों में ‘‘ नए मसंद’’ के रूप में सरकारी कठपुतलियों को स्थापित करने की ‘‘खतरनाक साजिश’ के खिलाफ चेतावनी दी है।
खालसा पंथ को कमजोर करने और इसकी अलग और अनूठी धार्मिक पहचान को कमजोर करने की कुटिल साजिशें की जा रही हैं। हमारे पवित्र गुरुघामों और उनकी अनूठी धार्मिक विचारधारा को निशाना बनाया जा रहा है। सिख समुदाय को ट्रोजन हॉर्स की सदियों पुरानी रणनीति का उपयोग करके समुदाय के भीतर मतभेद फुट और आपसी अविश्वास पैदा करने के लिए शक्तिशाली एजेंसियों के प्रयासों से बचाव करना होगा’’।
वरिष्ठ नेता ने श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में मंजी साहिब दीवान हॉल में एक विशाल पंथक सभा को संबोधित कर रहे थे, जिसमें श्री हरिमंदिर साहिब आक्रोश सहित बेअदबी की दर्दनाक घटनाओं का विरोध किया गया। स. बादल ने साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए पंजाब को फिर से आग लगाने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी। ‘‘ शांति और साम्प्रदायिक सदभाव का माहौल जो बड़ी मुश्किल से बना है आज सत्ताधारियों द्वारा उसे तहस नहस किया जा रहा है। उन्होने पंथक इकटठ के दौरान कहा कि उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश द्वारा हाल ही में बेअदबी की घटनाओं की जांच की मांग की तथा कहा कि ये ताकतें इसका दोष भी पंजाबियों पर लगाने तथा 1980 तथा 90 दशक को दोहराकर तुच्छ राजनीतिक हितों का लाभ लेने के लिए किया जाएगा।
इस अवसर पर अकाली अध्यक्ष स.सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पांच साल तक बेअदबी के मुददे पर राजनीति की और जघन्य घटनाओं के पीछे के लोगों को पकड़ने के लिए कुछ नही किया। उन्होने कहा कि अब फिर से राज्य की शांति भंग करेन और केवल राजनीतिक उददेश्यों के लिए समाज में विभाजन पैदा करने की साजिश रची जा रही है उन्होेने कहा कि पिछले साल 13 सितंबर को श्री आनंदपुर साहिब और 15 दिसंबर को श्री दरबार साहिब में बेअदबी करने वाले अपराधियों को पकड़ने के बावजूद सरकार ने दोनों घटनाओं के पीछे की साजिश को बेनकाब करने के लिए कुछ नही किया है। उन्होने काह कि श्री हरिमंदिर साहिब की बेअदबी के मामले में अब तक आरोपियों की पहचान करने का कोई प्रयास नही किया गया है।
अकाली दल अध्यक्ष ने लोगों से यह पूछा कि वे कांग्रेस पार्टी से न्याय की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जिसने श्री दरबार साहिब में टैंक और तोपों से हमला किया था और 1984 में सिख समुदाय के खिलाफ कत्लेआम किया था कहते हुए स.बादल ने कहा कि ‘‘ पंथ के साथ साथ अपनी प्रतिनिधि पार्टी को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है’’।
स. सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) पर नियंत्रण करने हासिल करने की कोशिश करने के लिए भाजपा की निंदा की। उन्होने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मनजिंदर सिंह सिरसा जो उस समय दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष थे, भाजपा में शामिल हो गए हैं। ‘‘यह अपने राजनीतिक जीवन को आगे बढ़ाने के लिए किसान आंदोलन के 800 शहीदों का उपयोग कर रहे हैं, उन्हे इस पर शर्म आनी चाहिए’’। अकाली दल अध्यक्ष ने उन अवसरवादियों पर भी हैरानी व्यक्त की, जो सिरसा के उदाहण का अनुसरण कर रहे हैं, और भाजपा में शामिल हो रहे हैं यां किसी न किसी तरह से इसके साथ जुड़ रहे हैं। ‘‘ मैं किसान संगठनों आर यहां तक कि बलबीर सिंह राजेवाल से भी पूछना चाहता हूं कि आप हमारी आलोचना करते थे जबकि हमने केंद्रीय मंत्रालय छोड़ दिया था और यहां तक कि एनडीए गठटबंधन को भी छोड़ दिया , लेकिन अब आप भाजपा के साथ मिल रहे हैं।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख समुदाय अपने धार्मिक मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नही करेगा और समुदाय से अकाल तख्त और एसजीपीसी को मजबूत करने की अपील की। ‘‘अकाली दल अपने आप मजबूत हो जाएगा’’। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि समुदाय श्री सिरसा और उनके जैसे अन्य लोगों को कभी माफ नही करेगा , जिन्होने सिख धार्मिक संस्थाअनों से ताकत हासिल की और फिर उनकी पीठ में छूरा घोंपा है। उन्होने कहा कि भाजपा तख्त श्री हजूर साहिब और तख्त श्री पटना साहिब के प्रशासन में हस्तक्षेप कर रही है।























