वजन के हिसाब से मिलेगी निर्भया के दोषियों को मौत की सजा

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चंडीगढ, 5 जनवरी (विश्व वार्ता) : जेल मैनुअल ये कहता है कि अगर शख्स का वजन 45.360 किलो से कम है, तो उसे 2.4440 मीटर का ड्रॉप दिया जाएगा। वजन अगर 45.330 किलो से 60.330 किलो के बीच है, तो उसको 2.290 मीटर का ड्रॉप दिया जाएगा. वजन अगर 60.330 से ज्यादा लेकिन 75.330 से कम है तो इसे 2.130 मीटर का ड्रॉप दिया जाएगा। फांसी यानी जुडिशल हैंगिंग को तकनीकी मौत इसलिए कहते हैं, क्योंकि इसमें शख्स को फांसी के जरिए ऐसा झटका दिया जाता है जिससे स्पाइनल कॉर्ड ही टूट जाए। ऐसा होते ही ब्रेन को खून की सप्लाई बंद हो जाती है. फॉरेंसिक एक्सपर्ट विजय धनखड़ ने बताया कि जुडिशल हैंगिंग के वक्त दबाव बढऩे के साथ ही सारी नसें बंद हो जाती हैं। ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है. अगर ब्रेन को ब्लड सप्लाई नहीं मिलती है, तो किसी भी इंसान की जान जाने में सिर्फ 5 मिनट का वक्त लगता है।