हरियाणा में उच्च अधिकारियों द्वारा सुनियोजित था धान घोटाला : भारतीय किसान यूनियन हरियाणा

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चंडीगढ, 27 दिसंबर ( विश्ववार्ता, गुरप्रीत) : भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी राकेश बैंस ने बताया की हरियाणा प्रदेश में बहुत बड़ा धान घोटला हुआ ओर यह सारा घोटाला सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा सुनियोजित था इस घोटाले के चलते किसानो को धान बेचने मे मंडियो भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ा ओर असली किसानों की धान माडिय़ों में रुलाती रही परंतु सरकार ने कोटा पूरा दिखाकर धान खरीद बंद कर दी इसलिए सरकार इस घोटाले की पूरी जाँच सी.बी.आई. से या हाईकोर्ट के पूर्व न्यायधीश की कमेटी से होनी चाहिये उन्होने ने बिन्दुवार घोटाले की परते खोलते हुए बताया की।
हरियाणा में सरकार द्वारा सुनियोजित था धान घोटाला
हरियाणा में मार्कटिंग बोर्ड द्वारा “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल के तहत हरियाणा राज्य के सभी किसानो को मंडी में अपनी फसले बेचने किसानों को आधार कार्ड व बैक खाता संख्या व किस किस एकड़ में धान की बिजाई की इसकी सारी जानकारी के साथ इस पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी था जिसका मुख्यमंत्री जी ने पूरे ज़ोर शोर से प्रचार किया था परंतु हरियाणा मे धान खरीद शुरू होते ही हरियाणा की राईस मिल एसोशियन के साथ पहली बैठक में ही राईस मिल मालिकों के कहने भर से उच्च अधिकारियों ने बाहरी राज्य के किसानों के लिए मात्र एक फोन नंबर के साथ तुरंत प्रभाव से पंजीकरण खोल दिया यह इस धान घोटाले का जाँच का विषय है की हरियाणा राज्य के किसानों को एवं राज्य को इससे क्या लाभ हुआ जिससे साफ जाहिर होता है की यह सारा घोटाला उच्च अधिकारियों द्वारा सुनियोजित था । इसके साथ साथ इसी पत्र में चावल मिल मालिको को यह आश्वासन भी दिया गया की उनकी मिलों का भौतिक सत्यापन खरीद एजेंसियों द्वारा नहीं किया जाएगा ” जबकि सारा धान सरकार का होता है ओर सरकार अपने धान का जब चाहे भौतिक सत्यापन कर सकती है मिल मालिकों तो मात्र धान की मिलिंग करनी है चावल मिल मालिकों को इस प्रकार की गारंटी देने से धान खरीद के क्या संबंध है ओर इसका राज्य को क्या लाभ हुआ इसकी जाँच भी जरूरी है इसलिए यह कहना गलत नही है की सारा घोटाला सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा सुनियोजित था।