
बैंक से लोन ले रहे हैं या लिए लोन की ईएमआई भर रहे हैं तो आपको भारतीय रिजर्व बैंक ने दिया बड़ा झटका
चंडीगढ़, 5 अप्रैल (विश्ववार्ता) बैंक से लोन ले रहे हैं या लिए लोन की ईएमआई भर रहे हैं तो आपको भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा झटका दे दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली मौद्रिक नीति समिति बैठक में लगातार सातवीं बार रेपो रेट को न बदलने का फैसला लिया गया है। बैंक से लोन लिए बैठे लोगों को उम्मीद थी कि, इस बार आरबीआई रेपो रेट में कटौती करेगा। जिससे उनके लोन की ब्याज दर कम होगी और उनकी महीने में जाने वाली लोन की ईएमआई सस्ती हो जाएगी। फिलहाल, आरबीआई ने एक राहत जरूर दी है कि, रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं की है। अगर आरबीआई ने रेपों रेट में बढ़ोतरी कर दी होती तो आपकी लोन श्वरूढ्ढ पर महंगाई का बोझ बढ़ जाता। यानि आपको महीने में फिर ज्यादा ईएमआई भरनी होती। जिससे आप बच गए।
बता दें कि, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति बैठक 3 अप्रैल से 5 अप्रैल तक चली। जिसमें आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में अन्य सदस्यों ने बहुमत के आधार पर ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला लिया। शुक्रवार सुबह गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीन दिवसीय पहली मौद्रिक नीति समिति बैठक में लगातार साठवीं बार रेपो रेट को न बदलने का फैसला लिया गया है। बैठक में रेपो रेट को न घटाया गया और न ही बढ़ाया गया। इसलिए रेपो रेट 6.50त्न के अपने पुराने स्तर पर बरकरार रहेगा। रेपो रेट के साथ-साथ रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिवर्स रेपो रेट को भी उसके पुराने स्तर 3.35 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। वहीं रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट के अलावा एसडीएफ और एमएसएफ में कोई भी बदलवा नहीं किया गया है। इन्हें 6.25 प्रतिशत और 6.75 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है।
बता दें कि, इससे पहले फरवरी में वित्त वर्ष 2023-24 की अंतिम मौद्रिक नीति समिति बैठक में रेपो रेट में लगातार छठी बार कोई बदलाव नहीं किया गया था। आरबीआई ने इसे 6.50 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया था। फिलहाल, दास ने आगे बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं 2024-24 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत या इससे ज्यादा पर बने रहने की उम्मीद है।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि, भारत अपने राजकोषीय सुदृढ़ीकरण और तेज जीडीपी वृद्धि के कारण एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है। वहीं दास ने कहा कि, आगे महंगाई में कमी आ सकती है। वित्त वर्ष 2025 में महंगाई दर 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में महंगाई दर 4.9 प्रतिशत रह सकती है। वहीं, दूसरी तिमाही में इसके 3.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।





















