
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का करनाल विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा फैसला
रोक लगाने की याचिका को किया खारिज
चंडीगढ़, 4 अप्रैल (विश्ववार्ता) पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने करनाल विधानसभा उपचुनाव को लेकर से बडा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने करनाल उपचुनाव पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले बीते मंगलवार की सुनवाई में हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
दरअसल, करनाल उपचुनाव को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि, हरियाणा विधानसभा चुनाव में अब 1 साल से कम समय बचा है। ऐसे में करनाल उपचुनाव पर रोक लगाई जाये। याचिकाकर्ता ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक आदेश का भी जिक्र अपनी याचिका में किया था। जिसमें यह बताया गया था कि कैसे महाराष्ट्र के अकोला उपचुनाव पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।
क्योंकि वहां भी विधानसभा चुनाव में एक साल से कम समय बचा था। ऐसे में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आयोग को उपचुनाव रोकने का आदेश जारी कर दिया था। इसलिए करनाल उपचुनाव पर भी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रोक लगा दी जाए। क्योंकि हरियाणा में भी विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से कम है। ऐसे में चुनाव आयोग के पास उपचुनाव कराने का कोई अधिकार नहीं है।
हाईकोर्ट के फैसले से हरियाणा सरकार को राहत
हाईकोर्ट के फैसले पर आज हरियाणा सरकार की खास नजर थी। इस फैसले से हरियाणा सरकार को बड़ी राहत मिली है. दरअसल, हरियाणा के नए ष्टरू नायब सैनी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। बीजेपी नायब सैनी को यहां से उपचुनाव लड़वा रही है। नायब सैनी अभी कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से सांसद हैं। सीएम बने रहने के लिए नायब सैनी को 6 महीने के अंदर विधायक बनना जरूरी है। नहीं तो उन्हें हरियाणा के सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।
मनोहर लाल के इस्तीफे से खाली हुई करनाल सीट
ज्ञात रहे कि, पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे के बाद से करनाल सीट खाली हुई है। 12 मार्च को सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद मनोहर लाल ने 13 मार्च को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद 16 मार्च को चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव शेड्यूल की घोषणा करते हुए हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों की खाली विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों के साथ-साथ करनाल विधानसभा सीट पर 25 मई को उपचुनाव होना है।





















