केंद्र सरकार ने किसानो के सामने टेके थे घुटने
ऐतिहासिक किसान आंदोलन मे घटी कुछ खट्टी और कुछ मिट्टी घटनाएं
दिल्ली , 31 दिसंबर: (विश्ववार्ता): आज 2021 वर्ष का आखिरी दिन है इस वर्ष मे स्वतंत्र भारत के सबसे बडे आंदोलन का आगाज हुआ जो किसानो द्वारा दिल्ली की सीमाओं पर चला गया।
ऐतिहासिक किसान आंदोलन कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन लगातार 13 महीने चला और अंत में केंद्र की मोदी सरकार को आखिरकार किसानो की बात माननी पडी और उनकी सभी मांगों को मानकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा। आंदोलन के दौरान लगभग 700 से अधिक किसानों की मौत भी हुई। 9 दिसंबर, 2021 को किसान संगठनों की कई मांगों को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया। वही आंदोलन के दौरान बेअदबी के आरोप में युवक की नृशंस हत्या दिल्ली बॉर्डर पर हुई। देश विरोधी तत्वों की शामूलियत के आरोपों से आंदोलन पर सवाल भी उठाये। यह ऐतिहासिक किसान आंदोलन सदा ही जनता के जहन मे रहेगा।
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