राष्ट्रीय लोक अदालत में 2902 मामलों का राज़ीनामे के द्वारा निपटारा
लोक अदालतों का उद्देश्य लोगों को जल्दी और सस्ता न्याय दिलाना: ज़िला और सैशनज़ जज
जालंधर,11 जुलाई ( विश्व वार्ता /अश्विनी ठाकुर )
राष्ट्रीय कानूनी सेवाए अथॉरिटी और पंजाब कानूनी सेवाए अथॉरिटी के निर्देशों अनुसार ज़िला और सैशनज़ जज -कम -चेयरमैन ज़िला कानूनी सेवाए अथॉरिटी, जालंधर रुपिन्दरजीत चहल के योग्य नेतृत्व में ज़िला कानूनी सेवाए अथॉरिटी, जालंधर की तरफ से शनिवार को जुडीशियल अदालतों में लंबित दीवानी, वैवाहिक झगड़े, वाहन दुर्घटना दावा केस, बिजली कानून के कम्पांऊडेबल, ट्रैफ़िक चालान, फ़ौजदारी के समझौते हो सकने वाले मामलों और अन्य संस्थानो जैसे बैंकों, बिजली विभाग, भारत संचार निगम और वित्तीय संस्थानों के प्रीलिटीगेटिव मामलों के फ़ैसले राज़ीनामे के द्वारा करवाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस सम्बन्धित और ज्यादा जानकारी देते हुए ज़िला और सैशनज़ जज ने बताया कि ज़िला जालंधर में 15, नकोदर में 2और फिल्लौर में 1, कुल 18 बैंच स्थापित किये गए थे, जिन में उपरोक्त श्रेणियों के साथ सम्बन्धित कुल 6153 केस सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिन में से 2902 मामलों का निपटारा मौके पर ही राज़ीनामे के द्वारा करवाया गया। इन मामलों में कुल 115208153 (11 करोड़ 52 लाख 8 हज़ार 153 रुपए) के झगड़े सुलजाए गए। जालंधर में लगाए गए 15 बेंच का निरीक्षण ज़िला और सैशनज रुपिन्दरजीत चहल की तरफ से किया गया। उनके साथ डा. गगनदीप कौर, सी.जे.एम. -कम -सचिव ज़िला कानूनी सेवाए अथॉरिटी, जालंधर भी मौजूद थे।
लोक अदालतों की महत्ता के बारे में जानकारी देते ज़िला और सैशनज़ जज ने बताया कि लोक अदालतों का उद्देश्य लोगों को जल्दी और सस्ता न्याय दिलाना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का फ़ैसला अंतिम होता है और इसके फ़ैसले ख़िलाफ़ कहीं भी अपील नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि लोक अदालतों के द्वारा फ़ैसले करवाने के साथ जहाँ पैसे और समय दोनों की बचत होती है वहीं भाईचारा भी बढ़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे वाली राष्ट्रीय लोक अदालत 11 सितम्बर 2021 को जालंधर, नकोदर और फिल्लौर में लगाई जायेगी। जो लोग अपने अदलाती झगड़ों का निपटारा लोक अदालत के द्वारा करवाना चाहते हैं, वह अपना आवेदन सम्बन्धित अदालत को दे सकते हैं। आज की लोक अदालतों की जालंधर में अध्यक्षता श्री तेजविन्दर सिंह प्रीज़ाईडिंग अधिकारी,इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल, श्री सरबजीत सिंह धालीवाल, श्री ललित कुमार सिंगला, श्री के.के. गोयल, मैडम त्रिपतजोत कौर, मैडम पूनम.आर.जोशी, (समूह अतिरिक्त ज़िला और सैशनज़ जज), चेयरमैन स्थाई लोक अदालत (जन उपयोगी सेवा), श्री सुधीर कुमार, श्री भुपिन्दर मित्तल, श्री गुरकिरन सिंह, श्री करनवीर सिंह माजू, श्री जगिन्दर सिंह, मैडम जोशिका सूद, श्री अमनदीप सिंह घूमने, श्री जिन्दरपाल सिंह (समूह सिविल जज), फिल्लौर में श्री गुरमहताब सिंह, सिविल जज फिल्लौर और नकोदर में मैडम बलजिन्दर कोर, एस.डी.जे.एम. नकौदर और मैडम राजबिन्दर कौर, सिविल जज नकौदर ने की।
इस अवसर पर डा. गगनदीप कौर,सी.जे.ऐम्म. -कम -सचिव ज़िला कानूनी सेवाओं अथारटी जालंधर ने बताया कि कानूनी सेवाए अथॉरिटी की तरफ से समय -समय पर यह लोक अदालतों लगाई जाती हैं जिससे कचहरियों में लम्बित ऐसे मामलों, जहाँ कि आपसी बातचीत के द्वारा समझौता हो कर सभ्य हल हो सकता है, का निपटारा किया जा सगे। उन्होंने बताया कि लोग अदालत में केस लगवाने के लिए और कानूनी सेवाओं की अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने के लिए पंजाब कानूनी सेवाए अथॉरिटी के टोल फ्री नंबर 1968 पर संपर्क किया जा सकता है इस अवसर पर श्री जी.एस. लिद्धर, प्रधान बार असोसिएशन जालंधर, श्री सन्दीप सिंह संघा, सचिव बार, श्री जगपाल सिंह धुप्पर, सीनियर मीत प्रधान, श्रीमती हरलीन कौर, परमिन्दर बेरी, श्री सुतीकशन सैमरोल, श्रीमती परवील अबरोल, श्री सुरजीत लाल, रुपम जगोता, श्री इन्द्रजीत कुमार, डा. युगदीप कौर, श्री मनुज अग्रवाल, श्री के.डी.ऐस. रंधावा, श्री जगन नाथ, सीनियर असिस्टैंट, श्री अमरजीत आनंद, श्री ए.पी.एस पठानिया आदि वकील /समाज सेवक उपस्थित थे।