*👉मेयरों व पंचायती राज प्रणाली के हक में डटी ‘आप’*
*चंडीगढ़, 22 जून 2020*पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश के मेयरों की प्रशासनिक और प्रबंधकीय शक्तियों में की गई कटौती की सख्त आलोचना करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने इस को प्रजातांत्रिक व्यवस्था पर राजशाही हमला करार दिया है।
पार्टी हैडक्वाटर द्वारा जारी संयुक्त बयान में पार्टी की कोर समिति के चेयरमैन और विधायक प्रिंसीपल बुद्ध राम, मुख्य प्रवक्ता और विधायक प्रो. बलजिन्दर कौर व विपक्ष की उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके ने आरोप लगाया कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत लोगों की वोट के साथ चुनी गई मौजूदा कांग्रेस सरकार को अफसरशाही ने ‘अगवा’ कर लिया गया है।
प्रिंसीपल बुद्ध राम ने कहा कि नगर निगमों के मेयरों को लोकतांत्रिक तरीके से चुना जाता है। नगर निगम के कमिश्नरों की वार्षिक गुप्त रिपोर्टों (एसियारज) लिखने का कानूनी अधिकार मेयर के रुतबे को भी पारिभाषित करता है कि प्रोटोकॉल में मेयर का पद सम्बन्धित कमिश्नर की अपेक्षा ऊंचा है, परंतु कैप्टन सरकार को मनमाने अंदाज में चला रही अफसरशाही से मेयर के पास बची यह कागजी ताकत भी बर्दाश्त नहीं हुई और स्थानीय सरकार के मंत्रालय ने मेयरों से कमिश्नर की एसिआर लिखने का भी हक छीन लिया है। जिस से पता चलता है कि ‘फार्म हाऊस’ पर बैठ कर चलाई जा रही पंजाब सरकार का ‘स्टेयरिंग’ वास्तव में अफसरशाही के ही हाथ में है।
बीबी सरबजीत कौर माणूंके ने कहा कि पहले मुख्य सचिव मामले में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अपने मंत्रियों को अफसरशाही के समक्ष झुकने के लिए मजबूर कर दिया अब मेयरों के साथ भी उसी तरह का सलूक किया जा रहा है।
प्रो. बलजिन्दर कौर ने कहा कि जिस तरह केंद्र की नरिन्दर मोदी सरकार संघीय ढांचे का गला दबा कर लगातार राज्यों के अधिकारों को छीन रही है, उसी तरह अफसरशाही के दबाव में कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार नगर कौंसिलों, नगर निगमों और पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों को छीनने में लगी हुई है।
‘आप’ नेताओं ने कहा कि यह प्रजातांत्रिक व्यवस्था का मसला है, इस लिए यदि नगर निगमों के मेयर अपने रुतबे की बहाली के लिए स्टैंड लेंगे तो आम आदमी पार्टी राजनीति से ऊपर उठ कर मेयरों के संघर्ष को समर्थन देगी।





















