
चंडीगढ पीजीआई मे निदेशक और ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बीच हुआ समझौता
चंडीगढ़, 6 अप्रैल (विश्ववार्ता): पीजीआई सफाई कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, पीजीआई सिक्योरिटी गार्ड कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, पीजीआई हॉस्पिटल अटेंडेंट कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन और पीजीआई इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन से बनी पीजीआई ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने अपने नेताओं को 2 अप्रैल को पीजीआई के बाहर से गिरफ्तार किए जाने के बाद लाइटनिंग हड़ताल का सहारा लिया। रैली निकालकर पीजीआई से सेक्टर 25 तक पुतला फूंकने का ऐलान किया गया। दिनांक 20.03.2024 के नोटिस में यह स्पष्ट किया गया था कि रोगी देखभाल सेवाओं में कोई व्यवधान पैदा किए बिना, ड्यूटी घंटों के बाद रैली निकाली जाएगी। हालाँकि, नेताओं की गिरफ्तारी से लाइटनिंग स्ट्राइक की नोबत आई।
1 = भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 12.12.2014 के साथ सीएसीएलबी आदेश दिनांक 26.04.2018 के साथ पठित के अनुसार अनुबंध श्रम का अवशोषण/नियमितीकरण।
2 = दिनांक 09.10.2018 की अधिसूचना के संदर्भ में सीएलआरए नियम, 1971 के नियम 25 के तहत समान और समान वेतन का कार्यान्वयन, पुरस्कार
दिनांक 11.01.2010 और माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय दिनांक 13.03.2019 के साथ पढ़ें।
3 = ऐसे संविदा कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधाएं जो ईएसआई के अंतर्गत कवर नहीं हैं।
4 = 21000 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को बोनस का अनुदान।
5 = संविदा कर्मचारियों के लिए चौबीसों घंटे कैंटीन की सुविधा।





















