
*👉कुवैत के विदेशी कोटा बिल के कारण भारतीय कामगारों पर आए संकट संबंधी ‘आप’ सांसद ने लिखा प्रधान मंत्री को पत्र*
*चंडीगड़, 7 जुलाई 2020*आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी से अपील की है कि वह रोजी-रोटी के लिए कुवैत गए उन 8 लाख भारतियों का मामला कुवैत सरकार के पास उठाएं जिन पर कुवैत छोडऩे की तलवार लटक गई है। ‘आप’ सांसद ने यह अपील प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी को पत्र के द्वारा की।
पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा भगवंत मान ने बताया कि कुवैत सरकार की तरफ से विदेशी कामगारों की संख्या घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस विदेशी कोटा बिल को कुवैत की सांसदीय समिति की तरफ से प्रवानगी दिए जाने के उपरांत लगभग 8 लाख भारतीय कामगारों को कुवैत छोडऩा पड़ सकता है।
भगवंत मान ने प्रधान मंत्री को इस मामले में दखलअन्दाजी करने की अपील करते कहा, ‘‘बेशक यह कुवैत सरकार का अपना स्वतंत्र फैसला है, परंतु इस का भारतीय कामगारों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा, इस लिए प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी अपने नागरिकों के लिए कुवैत सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करें जिससे रोजी-रोटी के लिए बड़ी मुश्किलों के साथ विदेश गए भारतीय कामगारों का रोजगार न छीना जाए।’’
भगवंत मान ने प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी को मुखातिब होते लिखा कि यदि कुवैत सरकार भी 8 लाख भारतीय कामगार को वापिस भारत आने के लिए मजबूर कर देती है तो देश में बेरोजगारी का संकट ओर गहरा हो जाएगा। इस के साथ ही देश की आर्थिकता को ओर चोट लगेगी। इस लिए भारत सरकार को अपनी कूटनीतक पहुंच के द्वारा पूरा जोर लगाना चाहिए। भगवंत मान ने बताया कि इन कामगारों में केरला और अन्य प्रदेशों समेत पंजाब के कामगार भी बड़ी संख्या में हैं।
भगवंत मान ने अपने पत्र में प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी और पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह पर तंज भी कसा और कहा कि यदि भारत सरकार (नरिन्दर मोदी) अपने चुनावी वायदे मुताबिक भारतीय नौजवानों, बेरोजगारों को प्रति साल 2 करोड़ नौकरियां और कैप्टन अमरिन्दर सिंह घर-घर नौकरियां देते तो भारतियों खास करके पंजाबियों को खाड़ी देशों में ‘गुलामों’ जैसी नौकरियां करने के लिए मजबूर न होना पड़ता।
भगवंत मान ने प्रधान मंत्री को यह भी लिखा कि कोरोना महामारी ने दुनिया भर में काम करते भारतियों के लिए रोजगार के मौके सीमित कर दिए हैं। इस लिए भारत सरकार देश में रोजगार के व्यापक मौके पैदा करके इस संकट के साथ निपटे।




















