
आज से बदल जायेगें कई नियम
ईपीएफओ से एलपीजी तक हुए बदलाव आपकी जेब पर डालेंगे प्रभाव
चंडीगढ़, 1 अप्रैल (विश्ववार्ता) नई दिल्ली। नए वित्त वर्ष यानी 2024-25 की शुरुआत सोमवार से हो रही है। एक अप्रैल से चार प्रमुख वित्तीय बदलाव हो रहे हैं। इनमें म्यूचुअल फंड ईटीएफ, एनपीएस, बीमा से लेकर फास्टैग केवाईसी तक शामिल हैं। ये सभी बदलाव आप पर असर डाल सकते हैं।
फास्टैग ग्राहकों के लिए केवाईसी अपडेट करने की अंतिम तारीख 31 मार्च है। आप इस तारीख तक केवाईसी अपडेट नहीं करते हैं तो एक अप्रैल से यह बंद हो जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक वाहन एक फास्टैग की पहल की है। इसके तहत बिना केवाईसी वाले फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो जाएंगे।
बीमा पॉलिसी का डिजिटलीकरण
इरडा ने बीमा पॉलिसियों के डिजिटलीकरण को जरूरी कर दिया है। इसके अनुसार, जीवन, स्वास्थ्य और सामान्य बीमा सहित सभी पॉलिसियां इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी होंगी। यह शेयर खरीदने के लिए डीमैट खातों की तरह काम करेगा। इसके बिना कोई पॉलिसी जारी नहीं होगी।
एनपीएस : नया लॉग-इन नियम
पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण नेशनल पेंशन प्रणाली (एनपीएस) खातों के लिए एक अप्रैल को एडवांस सुरक्षा प्रणाली पेश करेगा।
इसके लिए एनपीएस की सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी तक पहुंचने वाले सभी पासवर्ड-आधारित ग्राहकों को दो बार सत्यापन से गुजरना होगा। इसके बिना आप अपने खाते का लॉग-ईन नहीं कर सकते हैं।
पैन आधार लिंक नहीं हुआ तो डीएक्टिव होगा पैनकार्ड
आधार व पैनकार्ड को लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। लिंक नहीं करने पर एक अप्रैल से आपका पैनकार्ड डीएक्टिव हो जाएगा। एक अप्रैल के बाद पैन को आधार से लिंक कराने पर 1,000 रुपये जुर्माना लगेगा।
इंश्योरेंस पालिसी में निवेश करने वालों के लिए भी सोमवार से नए नियम लागू होंगे। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी आफ इंडिया ने नियमों में बदलाव किया है तथा समय के आधार पर ग्रेडेड सरेंडर वैल्यू का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों के तहत पालिसी होल्डर तीन साल के भीतर पालिसी सरेंडर करता है तो सरेंडर वैल्यू समान या कम होगा। वहीं चौथे और सातवें साल के बीच इंश्योरेंस सरेंडर करने पर वैल्यू अधिक हो सकता है।
एनपीएस में आथेंटिकेशन प्रोसेस शुरू
पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) ने एनपीएस(नेशनल पेंसन सिस्टम) के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत एनपीएस से जुड़ने के लिए सदस्यों को ट्रू फैक्टर आथेंटिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। बदलाव के बाद नए नियम के अंतर्गत यूजर्स को आधार बेस्ड लागिन आथेंटिकेशन का प्रोसेस अपनाना होगा।





















