National news”: आज लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल
विपक्ष का कड़ा विरोध
सभी विपक्षों को संसद में पेश रहने के निर्देश
चंडीगढ़, 2 अप्रैल (विश्व वार्ता) लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पेश होगा। लोकसभा में पेश होने वाला वक्फ संशोधन विधेयक प्रावधानों में कई अहम परिवर्तन के कारण नए स्वरूप में होगा। विधेयक के कानून बन जाने के बाद वक्फ संपत्ति विवाद सुलझाने में अब राज्य सरकारों को पहले से अधिक शक्तियां हासिल होंगी। इसके अतिरिक्त प्रस्तावित कानून का असर पुरानी मस्जिदों, दरगाहों या मुसलमानों के धार्मिक संस्थानों पर नहीं पड़ेगा।
इसके अलावा विपक्ष ने चर्चा का समय बढ़ाकर 12 घंटे करने की मांग की है। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है।
सभी विपक्षों को संसद में पेश रहने के निर्देश
विपक्ष पार्टियों ने वक्फ बिल की आलोचना करते हुए विरोध किया है. समाजवादी पार्टी के सचेतक धर्मेंद्र यादव ने भी अपने सभी सांसदों को 2 अप्रैल को लोकसभा में मौजूद रहने और वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा में भाग लेने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया है. इसके अलावा, इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स ने भी मंगलवार को संसद में एक बैठक कर वक्फ संशोधन बिल पर अपनी रणनीति पर चर्चा की है।
क्या है संशोधन बिल ..?
संशोधन विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की राह में कई अहम बदलाव लाने की कोशिश करता है. इसमें एक्ट का नाम बदलना, वक्फ की परिभाषाओं को अपडेट करना, पंजीकरण यानी की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बेहतर बनाना, और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में तकनीक की भूमिका बढ़ाने जैसे बदलाव शामिल हैं।
साल 1995 में लागू किया गया वक्फ एक्ट वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को विनियमित करने के लिए बनाया गया था. हालांकि इस पर लंबे समय से कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के इल्जाम लगते रहे हैं।