‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ : अब तक 95 किलो हेरोइन, 52 किलो अफीम और 64 लाख से ज्यादा नगद बरामद
पंजाब बनेगा नशा मुक्त! ‘आप’ सरकार का संकल्प – Tarunpreet Singh Sond
ड्रग माफिया पर कड़ा प्रहार: एनडीपीएस के तहत 1651 एफआईआर, 2575 ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार
नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन: 7.25 लाख नशीली गोलियां और 1128 किलो भुक्की, 17 किलो गांजा 4.5 किलो चरस भी जब्त
सोंध की अपील: सरकार का साथ दें, नशे के शिकार लोगों को नशा मुक्ति केंद्र भेजें
चंडीगढ़, 30 मार्च (विश्व वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सोंध ने पंजाब सरकार के नशा के खिलाफ अभियान ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ की सफलता को बताया और 16 मार्च तक हुई पुलिस कार्रवाई की जानकारी मीडिया के साथ साझा की।
मंगलवार को मंत्री तरूणप्रीत सोंध ने इस मुहिम से संबंधित मोगा में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। मंत्री ने बताया कि ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ अभियान के नतीजे बेहद उत्साहजनक है और हर जगह इसके अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरे पंजाब में बेहद सफलतापूर्वक चल रहा है। अब तक 95 किलो हेरोइन, 52 किलो से ज्यादा अफीम और 64 लाख रुपए से ज्यादा नगद बरामद किए गए हैं। वहीं नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज एक्ट (एनडीपीएस) के तहत 1651 एफआईआर दर्ज हुए हैं और 2575 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा करीब 7.25 लाख के आसपास नशीली दवाओं की गोलियां और 1125 किलो भुक्की, 17 किलो गांजा 4.5 किलो चरस और 1.25 किलो आइस, करीब 500 नकली शराब की बोतलें, 6.25 किलो नशीली पाउडर और 279 इंजेक्शन भी पुलिस ने बरामद किए हैं। वहीं नशा तस्करी से जुड़े दर्जनों लोगों के इमारतों को ध्वस्त किया गया है।
वहीं नशा तस्करी से जुड़ी 22 मोटरसाइकिल, 8 मोबाईल और 4 कार भी जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान 4 किलो से ज्यादा सोना, जिसमें एक हार और चेन भी शामिल है एवं 1.25 किलो चांदी भी बरामद किया गया।
मंत्री ने कहा कि आप सरकार पंजाब से नशा खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ 24 घंटे कारवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार नशे से जुड़े किसी भी लोगों बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा तस्कर या तो पंजाब छोड़ दें या धंधा।
सोंध ने बताया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई के साथ-साथ सरकार और भी कई बेहतर कदम उठा रही है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक हजार से ज्यादा बैठकें आयोजित की गई हैं। गांवों में भी इस तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से सरकार के इस मुहिम का समर्थन करने की अपील की और कहा कि नशा से जुड़े लोगों की जानकारी दें और नशे से पीड़ित लोगों को जल्द से जल्द नशा मुक्ति केन्द्रों में भर्ती कराएं। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में हर तरह की व्यवस्था की गई है ताकि लोग नशा छोड़कर सामान्य जीवन में वापस आ सकें।