CM योगी आज करेंगे Mahakumbh का औपचारिक समापन
अंतिम स्नान पर्व पर उमड़ा सैलाब
66 करोड़ लोगों ने लगाई संगम में डुबकी
चंडीगढ़, 27 फरवरी (विश्ववार्ता)तीर्थराज प्रयाग में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के साथ शुरू हुआ था, उसी भव्यता के साथ महाशिवरात्रि को हर-हर महादेव के जयघोष के साथ समाप्त हो गया। महाकुंभ 2025 सैकड़ों वर्षों से चले कुंभ और अर्धकुंभ से कई मायनों में अलग रहा। यहा मेला 45 दिनों तक चला, जिसमें करीब 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके अलावा यह महाकुंभ पिछले कई मेलों से भव्य और विशाल था।
किला घाट तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर दुकानें भी रहेंगी। ताकि, खान-पान के अलावा जरूरत की अन्य वस्तुएं मिल जाएं। जरूरत के अनुसार सुरक्षाकर्मियाें की भी तैनाती की जाएगी। संगम के पास पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी। वाहनों की संख्या बढ़ती है तो परेड में भी वाहन पार्क किए जाएंगे। इनके अलावा अन्य जरूरी सुविधाएं भी बहाल रहेंगी।
महाकुंभ में आने वाले ज्यादातर श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला के दर्शन किए। साथ बनारस पहुंचकर काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव का दर्शन किया। महाकुंभ के दौरान अयोध्या और काशी में भी भारी भीड़ देखने को मिली। उत्तर प्रदेश में अभी तक ज्यादातर लोग आगरा, वृंदावन जाते थे। ये दोनों पर्यटन स्थल लोगों का ध्यान खींच रहे थे। अब अयोध्या, काशी, प्रयागराज भी इस सूची में शामिल हो गए हैं। इस अवसर पर सरकार ने अयोध्या-काशी-प्रयागराज को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है। यह फैसला य़ूपी में बढ़ते धार्मिक पर्यटन के मद्देनजर सरकार ने लिया है।