एजेंटों द्वारा कुवैत भेजने की बजाय इराक में फंसाए गए दो पंजाबियों की घर वापसी*
इराकी कंपनी द्वारा बना कर रखा गया था बंदी ; कठिन मेहनत के बावजूद नहीं मिलती थी खाने को रोटी
राज सभा सदस्य संत सीचेवाल की दखल से 14 दिनों में वापसी हुई संभव
संत सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का किया धन्यवाद
चंडीगढ़, 1 अप्रैल (विश्व वार्ता) खाड़ी देशों में भारतीयों को आ रही मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन उन पर दुखों के पहाड़ टूटते रहते हैं। जालंधर जिले के पत्तर कलां के गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम अपनी घर की गरीबी खत्म करने के लिए कर्जा उठा कर साल 2024 के दौरान कुवैत रवाना हुए थे। ट्रैवल एजेंटों द्वारा उन्हें कुवैत भेजने की बजाय इराक में फंसा दिया गया। जहां उन्हें एक कंपनी में बंदी बना लिया गया और भूखा रखा गया। उन्होंने बताया कि इराक में उनका एक दिन बिताना भी एक साल बिताने के बराबर था। वापसी के बाद दोनों पंजाबी युवाओं ने कहा कि अगर राज सभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह जी उनकी मदद न करते तो उनके लिए उस कंपनी के जाल से बाहर आना नामुमकिन था।
निर्मल कुटिया सुलतानपुर लोधी परिवारों सहित पहुंचे गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम ने बताया कि उन्होंने कर्जा लेकर कुवैत जाने के लिए ट्रैवल एजेंटों को 1 लाख 85 हजार रुपए दिए थे, जिसका ब्याज चुकाना भी उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा कि इराक में कठिन मेहनत करने के बावजूद उन्हें तनख्वाह नहीं दी जाती थी, न ही इलाज करवाया जाता था और न ही खाने को दो रोटियां दी जाती थीं। उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि वापसी के समय कंपनी ने उनकी तनख्वाह की बजाय उनसे कई तरह के पेपर्स पर दस्तखत करवा लिए थे ताकि वह अपनी सुरक्षा कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि वे वापसी की उम्मीद छोड़ चुके थे।
गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम ने नम आंखों से संत सीचेवाल जी का धन्यवाद किया, जिनकी मदद से उनकी घर वापसी संभव हो पाई। गुरप्रीत और सोढ़ी राम के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को राज सभा सदस्य संत सीचेवाल से संपर्क किया था और 28 मार्च को उनके अपने वापस भारत लौट आए। उन्होंने यह भी बताया कि गरीबी और बहुत कम पहुंच होने के कारण उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।
राज सभा सदस्य संत बलबीर सिंह ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की बदौलत ये भारतीय महज 14 दिनों में वापस लौट आए हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की प्रसंशा करते हुए कहा की वे लगातार चुनौतिपूर्ण स्थितियों से भारतीयों को निकालकर भारत वापस भेजने का काम कर रहे हैं। संत सीचेवाल ने फिर पंजाब के लोगों, खासकर गरीब तबके से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे अरब देशों में जाने से पहले किसी सूझबूझ वाले व्यक्ति की मदद जरूर लें। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे ठग और फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।