
Health Tips : पैरों में दर्द रात में ही क्यों होता हैं ?
पढिये कब दिखाएं डॉक्टर को ?
चंडीगढ, 30 जनवरी, 2026 (विश्ववार्ता) :Health Tips अक्सर लोग रात में पैरों में होने वाली ऐंठन (Leg Cramps) को थकान या पानी की कमी समझकर नजरअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन सर्जन के मुताबिक, यह समस्या कभी-कभी किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकती है। सर्जन ने बताए 2 अंदरूनी कारण, जो बन सकते हैं ट्रिगर
कब डॉक्टर को दिखाएं ?
अगर क्रैम्प्स रोज़ हो, दर्द बहुत तेज़ हो, पैरों में सूजन या रंग बदलने लगे डायबिटीज या थायरॉइड की समस्या हो तो डॉक्टर को दिखाएं। दर्द से बचने के लिए सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करें, पर्याप्त पानी पिएं। केला, दही, हरी सब्ज़ियां शामिल करें। लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में न रहें। सर्जन कहते हैं कि रात की ऐंठन सिर्फ थकान नहीं, शरीर का चेतावनी संकेत भी हो सकती है। समय रहते कारण समझना और इलाज कराना ज़रूरी है। Health Tips
खराब रक्त संचार: दिन में चलने-फिरने से मांसपेशियां रक्त को पंप करती हैं, लेकिन रात में आराम करते समय यह क्रिया रुक जाती है, जिससे पैरों में रक्त जमा होने लगता है और दर्द होता है।
मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps): डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन (पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम की कमी), या अधिक उपयोग के कारण अचानक ऐंठन हो सकती है।
खनिज की कमी: मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी आती है।
नसों की समस्या (Neuropathy): मधुमेह जैसी स्थितियों से नसों को नुकसान पहुंचता है, जिससे रात में दर्द और झुनझुनी हो सकती है, खासकर जब सोने की स्थिति तंत्रिका पर दबाव डाले।
स्थिरता और मुद्रा: लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने (खड़े या बैठे) या गलत सोने की मुद्रा से दबाव बढ़ सकता है।
गठिया और सूजन: प्लांटर फेशियाइटिस या गठिया जैसी स्थितियां रात में लेटने पर अधिक दर्दनाक महसूस होती हैं, क्योंकि शरीर शांत होता है और सूजन के संकेत बढ़ जाते हैं।
परिधीय धमनी रोग (PAD): धमनियों में रुकावट के कारण ऑक्सीजन की कमी से भी रात में दर्द बढ़ सकता है।
राहत के लिए क्या करें (डॉक्टर से सलाह के बाद):
स्ट्रेचिंग: सोने से पहले पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी पिएं और इलेक्ट्रोलाइट्स का ध्यान रखें।
सही मुद्रा: घुटनों के नीचे तकिया रखकर पीठ के बल सोएं; पेट के बल सोने से बचें।
व्यायाम: दिन में हल्की साइकिलिंग या व्यायाम करें (धीरे-धीरे शुरू करें)।
डॉक्टर से मिलें: यदि दर्द लगातार रहता है, तो मधुमेह, थायराइड या अन्य अंतर्निहित स्थितियों की जांच के लिए डॉक्टर को दिखाएं। Leg Cramps
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