lifestyle: अपने लाडले को ज्यादा गर्म खाना लंच बॉक्स मे डाल कर न दे
फूड बेस्ड प्लास्टिक में करें खाना पैक
बच्चों का खाना हो मजेदार और पौष्टिक
चंडीगढ़, 27 फरवरी (विश्व वार्ता):शहर के कई स्कूलों में डायनिंग हॉल है जहां बच्चों को लंच प्रोवाइड किया जा रहा है लेकिन ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं जिनमें बच्चे टिफिन लेकर जातें हैं । इनमें से ज्यादातर अधिकतर बच्चे गर्म खाना टिफिन में लेकर आ रहें हैं। इनमें से 40 फीसदी ऐसे हैं जो फाइल पेपर या एयर टाइट कंटेनर में टिफिन ला रहें हैं। डॉक्टर्स का कहना है टिफिन का ये खाना उनके लिए सही नहीं है। ज्यादातर बच्चे फ्राइड वेजीटेबल,पराठा या फिर चाउमीन,मैगी जैसी चीजें टिफिन ला रहें हैं जो उनके न्यूट्रीशियन संबंधी जरूरतों को भी पूरा नहीं करते हैं।
चाइल्ड स्पेशलिस्ट बताते हैं कि पैरेंट्स गर्म खाना किसमें पैक कर रहें हैं यह मायने रखता है। फूड बेस्ड प्लास्टिक में ही टिफिन पैक किया जाना चाहिए। कलर प्लास्टिक पूरी तरह से अवाईड करना चाहिए। क्योंकि खाने की गर्मी से से प्लास्टिक से निकलने वाले केमिकल बच्चों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही कभी भी टिफिन एक जैसा न हो उसमें वेरायटी हो। उसमें पराठे,चपाती,पूरी, फ्रूट्स होना चाहिए। रोटेड मेनू सिंगल मैन्यू से बेहतर होता है और बैंलेंस डाइट्स देता है।
ज्यादा गर्म खाने को लंच बॉक्स में पैक करने से कई तरह की परेशानियां पैदा हो सकती हैं। दरअसल हाई टेम्प्रेचर पूरे समय मेंटेन नहीं रहता है। दो घंटे बाद ही रूम टेम्प्रेचर पर आ जाता है। इस टेम्प्रेचर में माइक्रो ऑर्गेनिज्म ग्रो होते हैं। ऐसे में यदि यदि बच्चा गर्म टिफिन लेकर 6 बजे निकलता है और 11 बजे खाना खाता है तो ऐसे में 9 बजे तक ही खाना रूम टेम्प्रेचर पर आ जायगा और 2 घंटे उसी टेम्प्रेचर पर रहेगा। कम समय में बच्चा खाना खा ले तो ठीक है वर्ना कोशिश करें की उसे लांग रन कीपिंग क्वालिटी फूड ही दें। वहीं अगर एलुमीयिनम फाइल पेपर में खाना पैक कर देना चाहती हैं को यह जानना जरूरी है कि इसमें सॉफ्टनेस बनी रहती है। लेकिन ठंडा कर के पेपर में खाना रखना ज्यादा बेहतर ऑप्शन है।
डायटीशियन मधुमाला कहती हैं कि बच्चों के आहार को पांच ग्रुप में बांटा जाता है, और उसी के आधार पर टिफिन को भी पांच ग्रुप में बांटा जाता है। दूध या उस से बने प्रोडक्ट, दाल, फल,सब्जी और गेंहूं चावल ग्रुप। डायटीशियन कहती हैं कि टिफिन में रोज सब्जी पराठा बच्चों की पौष्टिकता की जरूरतों को पूरा नहीं कर पातें हैं । इसी लिए टिफिन घर के नार्मल खाने से हट कर मजेदार और पौष्टिक होना चाहिए। घर और टिफिन में एक जैसा खाना बच्चों को आकर्षित नहीं कर पाता है। इसी लिए इजी फूड और कंबिनेशन फूड दिए जा सकते हैं।
अमेरिका में हुए एक अध्ययन के मुताबिक स्कूली बच्चों के टिफिन में गर्म खाना देना नुकसानदायक हो सकता है। उन्हें चिल्ड यानी ठंडा खाना देना चाहिए। शहर में 60 फीसदी बच्चे टिफिन में गर्म खाना ले जाते हैं। डॉक्टर्स का मानना है गर्म खाने के कारण टिफिन के केमिकल उसमें मिल जाते हैं, जो बीमारियों का कारण बन सकते हैं। वर्किंग प्रोफेशनल्स पर भी यह बात लागू होती है।