अमृतसर ब्लास्ट मामले मेकोर्ट ने अरोपियों को भेजा इतने दिनों के रिमांड पर

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 अमृतसर ब्लास्ट मामले मेकोर्ट ने अरोपियों को भेजा इतने दिनों के रिमांड पर

पंजाब पुलिस ने अमृतसर का हेरिटेज स्ट्रीट ब्लास्ट केस सुलझाया; पाँच में से दो अपराधी गिरफ्तार

पुलिस टीमों ने आरोपी व्यक्तियों के कब्जे से 1.1 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और मोबाइल फोन बरामद किया
चंडीगढ़, 12 मई (विश्ववार्ता) अमृतसर में हुए 3 धमाकों के केस में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान माननीय अदालत ने पुलिस को पांचों आरोपियों का 7 दिन का रिमांड दे दिया है। पुलिस रिमांड दौरान आरोपियों से बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब, गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हेरिटेज ब्लास्ट स्ट्रीट के विस्फोट मामले का पर्दाफाश किया और दो मुख्य अपराधियों सहित पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के नज़दीक हेरिटेज स्ट्रीट में 6 मई से शुरू हुए तीन कम तीव्रता के विस्फोट छह दिनों के अंतराल में हुए थे।
गिरफ्तार लोगों की पहचान बाबा बकाला के गाँव वडाला कलाँ के निवासी आज़ाद बीर सिंह (36), गुरदासपुर के निवासी अमरीक सिंह, गेट हाकीमा अन्गढ़ के निवासी साहेब सिंह, अमृतसर के 88 फुट रोड के निवासी धर्मेंदर और हरजीत के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से 1.1 किलोग्राम क्लोरेट्स और ब्रोमाइड्स (पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री) और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने सावधानीपूर्वक वैज्ञानिक और तकनीकी जाँच करने के बाद मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। उन्होंने इस मामले का पता लगाने में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को उनके सभी समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने बताया कि गुरु रामदास सराय में गुरूवार की रात करीब 12.15 बजे हुए तीसरे विस्फोट की सीसीटीवी फुटेज की जाँच के दौरान आरोपी आज़ाद बीर सिंह को सराय के बाथरूम में जाते और उसके पीछे वाली पार्क में देसी बम फेंकते देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। अमरीक को भी आरोपी आज़ाद बीर के पीछे जाते देखा गया था।
डीजीपी ने कहा कि एसजीपीसी टास्क फोर्स के साथ पुलिस टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जाँच में पाया गया कि आरोपियों ने पॉलीथिन बैग में पैक एनर्जी ड्रिंक कैन और टिफिन सहित कंटेनरों का इस्तेमाल विस्फोट को अंजाम देने के लिए किया था, जिसके साथ एक मोटा धागा लटका हुआ था, जिसमें ज़मीन से टकराने के दौरान विस्फोट हो गया।
डीजीपी गौरव यादव ने गिरफ्तार व्यक्तियों के पाक-आधारित एजेंसियों या खालिस्तान- समर्थक तत्वों के साथ संबंधों से इनकार नहीं करते हुए कहा कि पहली नजऱ में ऐसा लगता है कि इस मामले के मुख्य अपराधी व्यक्तिगत रूप से कट्टरपंथी थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें मामले की हरेक एंगल से जाँच कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियो ने खुलासा किया कि दोनों ने मिलकर आरोपी व्यक्ति हरजीत सिंह और साहेब सिंह से आरोपी धर्मेंद्र के माध्यम से पटाखा बनाने की सामग्री खरीदी और उसमें पत्थर डालकर ट्रायल किया, जिसमें वे सफल रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति करने के आरोप में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस सम्बन्धी पुलिस थाना ई-डिविजऩ, अमृतसर सिटी में विस्फोटक एक्ट की धारा बी, विस्फोटक पदार्थ एक्ट की धाराएं 3, 4 और 5 गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम सम्बन्धी एक्ट की धाराएं 13, 16, 18 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के अंतर्गत एफआईआर नंबर 49/2023 तारीख़ 11.05.2023 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

 

 

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